खेल मंत्रालय और आईडब्ल्यूएफ टकराव की राह पर
भाषा
नई दिल्ली,
शनिवार,
जुलाई 26,
2008
ओलंपिक खेलों में अब जब एक पखवाड़े से भी कम समय बचा है तब बीजिंग के लिए भारोत्तोलन कोच के चयन को लेकर खेल मंत्रालय और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) टकराव की राह पर हैं।
भारोत्तोलन में भारत की एकमात्र प्रतिनिधि के तौर पर मोनिका देवी (69 किग्रा.) का बीजिंग जाना सुनिश्चित करने के बाद खेल मंत्रालय ने आईडब्ल्यूएफ को पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनिता चानू को कोच चुनने के निर्देश दिए थे लेकिन महासंघ ने 1990 की एक अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्यामला शेट्टी के नाम की सिफारिश कर दी।
श्यामला के अतीत को लेकर हालांकि सवाल उठाए जा सकते हैं क्योंकि उनके समकक्ष और कुछ आईडब्ल्यूएफ अधिकारियों ने उन पर 1991 में डोप टेस्ट में विफल होने का आरोप लगाया था।
आईडब्ल्यूएफ सूत्रों के मुताबिक श्यामला को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का भी समर्थन है और महासंघ भी उन्हें बीजिंग भेजने के लिए प्रतिबद्ध है विशेषकर तब जब उसके पहले उम्मीदवार देवदत्त शर्मा को मंत्रालय ने ठुकरा दिया था जो चाहता था के महिला भारोत्तोलक के साथ महिला कोच जाए।