भारत आयात शुल्क में कमी को राजी
वार्ता
जिनेवा,
शुक्रवार,
जुलाई 25,
2008
भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की शिखर बैठक में विकासशील देशों को औद्योगिक वस्तुओं पर आयात शुल्क दरों में रियायत दिए जाने की मांग पर दृढ़ता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को प्रस्ताव किया कि भारत विकसित देशों द्वारा आयात शुल्क में कटौती की तुलना में अपने आयात शुल्क में दस प्रतिशत कम की दर तक कमी करने को तैयार है।
वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने सात विकसित देशों के समूह-जी-7 की बैठक की शुक्रवार के सत्रों में दृढ़ता पूर्वक अपनी मांगों पर अडिग रहते हुए प्रस्ताव किया कि विकसित देश औद्योगिक वस्तुओं के व्यापार में असामान्य रूप से ऊंची आयात शुल्क दरों में जितनी कटौती करेंगें, भारत उससे दस प्रतिशत के कम के स्तर तक अपना आयात शुल्क कम करने को तैयार है।
श्री कमलनाथ के साथ शिखर बैठक में शामिल वार्ताकारों के दल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वाणिज्य मंत्री ने विकसित देशों के समक्ष भारत के इस दृष्टिकोण को दृढ़ता से रखा कि दोहा दौर की व्यापार वार्ता विकास की जरूरतों को केन्द्र में रखने के वायदों के साथ शुरू हो रही है। इसलिए नए प्रस्तावों में ये मुद्दे दिखने चाहिए।
विकसित देशों में कपड़े जूते एवं चमड़े के सामान पर 30 से लेकर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है। बैठक में विकसित देशों के मान जाने पर यह दर सात से नौ फीसदी रह जाएगी। इससे भारत को यूरोपीय एवं अमेरिकी बाजारों में जबरदस्त फायदे की उम्मीद है।