दुर्दशा के लिए बल्लेबाज दोषी : कर्स्टन
वार्ता
शुक्रवार,
जुलाई 25,
2008
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गैरी कर्स्टन ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की खराब हालत के लिए बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन को दोषी ठहराया है।
मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कर्स्टन ने कहा कि श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन और अजंता मेंडिस की गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजों द्वारा गलत शॉट चयन के चलते नियमित अंतराल पर विकेट खोने से भारत की यह दुर्दशा हुई है।
उन्होंने कहा, 'इस हालत के लिए हम खुद दोषी हैं। हमने गलत शॉट खेले। हमने 15 ओवरों में अपने चार कीमती विकेट खोकर खुद पर दबाव ओढ़ लिया।'
गौरतलब है कि श्रीलंका के पहली पारी में छह विकेट पर 600 रन के जवाब में भारत 159 रन पर छह विकेट गंवांकर फॉलोऑन के खतरे से फंस चुका है। वह अब भी श्रीलंका के स्कोर से 441 रन पीछे है और फालोआन से बचने के लिए उसे 242 रन और बनाने हैं जबकि उसके चार विकेट ही बचे हैं। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक वीवीएस लक्ष्मण 19 और कप्तान अनिल कुम्बले एक रन बनाकर खेल रहे थे।
कर्स्टन ने अपने बल्लेबाजों से वापसी की उम्मीद करते हुए उनसे चमत्कारिक प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, 'अब यह एक मुश्किल लड़ाई बन गई है और हमें अलग चीजें करने की जरूरत है। हमारी टीम कुछ महान बल्लेबाजों वाली महान टीम है और हममें से हर किसी को कुछ अलग करने के बारे में सोचना होगा।' भारतीय कोच ने कहा कि वह भारत की खराब बल्लेबाजी के लिए श्रीलंका के विशाल स्कोर के दबाव को जिम्मेदार नहीं मानते। उन्होंने कहा, 'हम आश्वस्त थे। भारत एक अच्छी टीम है और उसे आक्रामक क्रिकेट खेलने की जरूरत है।' बल्लेबाजों के लिए अबूझ पहेली बनकर उभरे श्रीलंकाई स्पिनर अजंता मेंडिस के बारे में कर्स्टन ने कहा, 'मेंडिस अभी युवा हैं और उनकी गेंदबाजी में नयापन है लेकिन सचिन उनकी गेंदों को समझने में कामयाब रहे और उन्होंने मेंडिस को अच्छे ढंग से खेला।'