प्रौद्योगिकी राजधानी बेंगलूर में शुक्रवार को कम से कम छह विस्फोट हुए जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। शरणार्थी शिविरों तथा सडक के किनारे छिपाकर रखे गये नट और बोल्ट से भरे देशी बम आदुगोदी मादिवाला नयान्दाहाली पंथारापाल्या तथा विट्टल माल्या सडक पर दोपहर के भोजन के दौरान फटे। बेंगलूर के पुलिस आयुक्त शंकर बिद्री ने संवाददाताओं को बताया कि विस्फोटों में एक महिला मारी गयी जबकि कम से कम छह अन्य घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जाती है। बिद्री ने बताया, 'सभी विस्फोटों में कम तीव्रता वाले टाइम उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। विस्फोटक सामग्री की मात्रा एक से दो ग्रेनेड के बराबर थी।' किसी ने अभी तक विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन केन्द्रीय गृह मंत्रालय को इसमें पाकिस्तान स्थिल लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की आशंका है जिसने हमले के लिए सिमी का स्थानीय समर्थन लिया। बिद्री ने विस्फोट को बेंगलूर में शांति भंग करने और अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों का कृत्य बताया। उन्होंने कहा, 'हम विस्फोटों की जांच कर रहे हैं। बम निष्क्रिय करने वाले दस्ते तथा फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंच चुके हैं। बेंगलूर पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया गया है।' दो साल का समय भी नहीं हुआ है जब भारतीय विज्ञान संस्थान में हमले में आईआईटी प्रोफेसर एमसी पुरी आतंकवादियों के शिकार हुए थे। राष्ट्रीय राजधानी में केन्द्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने राज्य के मुख्य सचिव से बातचीत की और घटना के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तलब की।