• Sign Up
  • |
  • Sign-In Sign Out
  • |
  • Make us your home
  • |
  • RSS
1 42 Video %>
1 52 News %>
1 57 Photo %>
1 64 Interactives %>
1 69 Leisure %>
1 74 Filmhai %>
1 80 Auto Guide %>
1 141 Dharm and Sahitya %>
1 81 Astro %>
 IST 5,  2008  19:54 सितंबर Last Updated :
  • एनएसजी में एटमी करार
  • एनएसजी में करार पर सहमति के आसार
  • अमेरिकी उप मंत्री का बयान
फोकस
एक भाई उपराष्ट्रपति तो एक की साईकिल की दुकान
वार्ता
दरभंगा, शुक्रवार, जुलाई 25, 2008
टिप्पणियां:
पढ़ें ( 1)
किस्मत के खेल निराले हैं...एक तरफ जहां बड़े भाई परमानंद झा ने नेपाल का उपराष्ट्रपति बनकर अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है वहीं उनके छोटे भाई धनानंद झा बिहार के दरभंगा में साईकिल की दुकान चलाकर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं।

नेपाल के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति परमानंद झा ने जब अपने पद की शपथ ली तभी मिथिलांचल के इस सपूत ने देश और दुनिया के मानचित्र पर बिहार के दरभंगा जिले को अपनी एक नई पहचान दिलाई। झा के नेपाल का उपराष्ट्रपति बनने से पहले दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान प्रखंड स्थित गरौल गांव की अपनी कोई पहचान नहीं थी लेकिन उनके इस पद के संभालने के साथ ही इस गांव में रह रहे उनके छोटे भाई धनानंद झा समेत अन्य ग्रामीणों के बीच जश्न और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

उपराष्ट्रपति के छोटे भाई धनानंद झा बताते हैं कि वह चार भाई हैं और उनमें सबसे बड़े परमानंद झा हैं। इस मध्यमवर्गीय परिवार की साईकिल की एक दुकान है जिसे धनानंद झा चलाते हैं। हांलाकि साईकिल की दुकान से होने वाली आय से इस मध्यमवर्गीय परिवार का मुश्किल से ही गुजारा चल पाता है लेकिन वह इतने से ही संतुष्ट हैं।
टिप्पणियां:
पढ़ें ( 1)
टिप्पणियां
यही तो होता है कर्मों का फल, किस्मत का फेर नहीं। इसलिए हमें अपनी ऊर्जा को सदैव सही दिशा में ही लगाना चाहिए। कु्छ लोग इसी बात को नहीं समझ पाते। इस कारण ... पढ़ें
इरफान खान, irfan4411@yahoo.com, ग्वालियर
 
खोजें
Ganapathi
फोकस
इंटरनेट की दुनिया बच्चों को ज्यादा ही रास आ रही है। अब वे पुस्तकों को दरकिनार कर डिजिटल सामग्रियों में अधिक रुचि लेने लगे हैं।