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बिजनेस
अनाज के दामों का बढ़ना जारी
एनएनएस
नई दिल्ली, मंगलवार, मई 13, 2008
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निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक लिवाली से मंगलवार को बारीक चावल 600/700 रुपए प्रति क्विंटल और छलांग लगा गए। गौरतलब है कि चार दिनों के अंतराल इसमें 1500/1600 रुपए प्रति क्विंटल की रिकार्ड तेजी आ चुकी है। जबकि सरकार द्वारा उक्त अवधि के अंतराल इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। सरकार को गैर बासमती की तरह शीघ्र ही बासमती चावल का निर्यात बंद कर देना चाहिए। इसके साथ-साथ चीन में भूकम्प एवं रंगून में तूफान से राजमां चित्रा 50 रुपए, काबुली चना-देशी चना 50/60 रुपए, लोबिया 150/200 रुपए, मटर 50 रुपए प्रति क्विंटल और उछल गए। वहीं, तेल सरसों 100 रुपए, सोया एवं बिनौला तेल 50/60 रुपए तथा जीरा 100 रुपए टूट गए। हालांकि शाम को बंद होते बाजार खाद्य तेलों में कुछ मजबूती देखी गई।

अनाज-दाल

चावल में हाजिर माल की कमी होने एवं निर्यातकों की लिवाली से हाहाकार मचा हुआ है। मंगलवार को भी 600/700
रुपए उछलकर बासमती प्रजाति के चावल 6500/8000 रुपए प्रति क्विंटल की नई ऊंचाई छू गए। गौरतलब है कि चार दिनों के अंतराल इसमें 1500 रुपए प्रति क्विंटल अब तक की ऐतिहासिक तेजी आ चुकी है। सरकार दालों के पीछे पड़ी है जबकि चावल बारीक किसी भी भाव में मिलना मुश्किल हो गया है। सरकार जब तक बासमती चावल का निर्यात बंद नहीं करेगी तब तक किसी भी किस्म के चावल की महंगाई नहीं रुकेगी। बारीक चावल के साथ-साथ पीआर-11 भी 2100/2350 रुपए पर पहुंच गया। परमल में भी 50 रुपए की तेजी दर्ज की गई।

वहीं, दालों में चना आवक घटने एवं दाल मिलों में माल की कमी से 50 रुपए और उछलकर 2425/2430 रुपए प्रति
क्विंटल खड़ी मोटर बिक गया। चीन में भूकम्प से राजमां चित्रा 50/75 रुपए बढ़कर चीन का 3600/3800 रुपए हो गया। काबुली चना भी रंगून में पिछले दिनों आए तूफान से 50 रुपए बढ़कर 2800/3000 रुपए हो गया। कर्नाटक एवं मैक्सिको के माल में भी इसी अनुपात में तेजी आ गई। मटर, लोबिया भी इसी अनुपात में बढ़ गए।

सर्राफा तथा विदेशी मुद्रा बाजार

भौतिक मांग के अभाव में विदेशों से ढीले समाचार मिलने पर भी शुद्ध सोना 60 रुपए बढ़कर 12,130 रुपए 10ग्राम
कर दिया गया। दलील यह दी गई कि पिछले 13 माह में अमेरिकन डॉलर रुपए की लना में उच्चस्तर पर पहुंचने से आयात महंगा हो गया। दूसरी ओर न्यूयार्क वालों की कमजोर बिकवाली से लंदन की गर्मी पाकर चांदी 450 रुपए सुधर गई। पिछले 11 दिन में चांदी 22,100 से सीढ़ी चढ़ते हुए मंगलवार को 23,700 रुपए प्रति किलो पर आ गई। इस अवधि में इंटरनेशनल रेट 1613 से तेज होकर मंगलवार को 1710 सेंट होने की खबर मिली। वहीं, कल सोना लंदन में दोपहर की तुलना में 880 से बढ़कर ऊंचे में 889.10 डॉलर होने के बाद शाम को 878.40 डॉलर रह गया। मंगलवार को दिन में यह 877 के आसपास बताया गया। देश में ब्याह-शादियों का कोई मुहूर्त नहीं तथा बढ़ती महंगाई के दृष्टिगत निवेशकों की मांग भी कमजोर है। अलबत्ता गत दो अप्रैल की तुलना में अमेरिकन डॉलर 39.90 से बढ़कर दोपहर के समय 42.09 रुपए के ऊंचे स्तर पर होने से आयात महंगा पड़ने की दलील दी गई। अन्यथा म्यांमार में चक्रवाती तूफान के बाद चीन में भयंकर भूकम्प से भारी तबाही और मुद्रास्फीति 12 साल के ऊंचे स्तर 8.5 प्रतिशत पर पहुंचने से वहां भी बुलियन की मांग कमजोर रहने की चर्चा है। इसलिए वर्तमान तेजी टिकने वाली नहीं लगती।

यह भी गौरतलब है कि गत अप्रैल में भारत से स्वर्ण आभूषणों का निर्यात 6.5 प्रतिशत पीछे हटकर 36.10 करोड़
डॉलर रह गया। अलबत्ता हीरे-जेवरात के निर्यात में 20.13 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान निर्यात परिषद ने लगाया है।

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